dark web

Dark web क्या होता है -what is dark web?

Dark web क्या होता है

दुनिया में जितने भी अवैध,ग़ैरक़ानूनी काम है वो सभी डार्क वेब के मदद से किया जाता है क्यों की
यहां पे यूजर की पहचान छुपी होती है | डार्क वेब यूजर को ट्रैक करना मुश्किल ही नहीं मुमकिन है |
ऑनलाइन ड्रग्स की खरीद बिक्री, मानव तस्करी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, मानव अंग की खरीद बिक्री
डुप्लीकेट पासपोर्ट, डुप्लीकेट हैक किया हुआ डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस,
क्रैक किया हुआ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, और भी जितने अवैध और गैर क़ानूनी काम डार्क वेब के मदद
से किया जाता है | और डार्क वेब पे खरीदने और बेचने वाले दोनों दोनों की पहचान छुपाई रहती है |

वेब या इंटरनेट के बारे में आपको पता होगा की इंटरनेट क्या है और ये किस तरह से ये काम करता है |
आप अभी इस ब्लॉग को इंटरनेट के माध्यम से ही पढ़ रहे हैं | अगर आप किसी को सन्देश भजते हैं
फेसबुक या इंस्टग्राम पे चैटिंग करते हैं तो वो भी इंटरनेट के मध्यम से ही करते हैं |

मॉर्निंग में अपने फ़ोन पे घर बैठे पूरी दुनिया का न्यूज़ , वीडियो और घटना के बारे में जनकारी इंटरनेट के
माध्यम से ही मिलती है |इंटरनेट का मतलब होता है एक कंप्यूटर यूजर को दूसरे कंप्यूटर से ऑनलाइन
जोड़ना | ये तो ही इंटरनेट की बात जो आज कल हर कोई अपने जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करता है |

Dark web क्या होता है -what is dark web

लेकिन, क्या आपको पता है की आप जो इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं वो पूरी वेब और इंटरनेट की दुनिया
का 4 % इनफार्मेशन ही है | मतलब इंटरनेट पे जितने भी इनफार्मेशन उपलब्ध हैं उसका 4 प्रतिशत ही
पब्लिक को एक्सेस की इजाजत है | 96 प्रतिशत इंटरनेट का इनफार्मेशन आप या कोई आम यूजर एक्सेस
नहीं कर सकता है |

इंटरनेट का वो 96 % भाग जो आम यूजर से छुपाया हुआ है डार्क वेब कहलाता है |

इस पोस्ट पे हम डार्क वेब के बारे में आपको डिटेल्स से जानकारी देंगे की क्यों डार्क वेब
आम यूजर को एक्सेस करने की इजाजत नहीं है और किस प्रकार से काम करता है और
डार्क वेब का क्या इस्तेमाल है |

आप Google, yahoo, bing जैसे सर्च इंजीने का इस्तेमाल कर के जो इंटरनेट एक्सेस करते हैं
वो डार्क वेब का हिस्सा नहीं है | जैसे आप को किसी चीज के बारे में जानकरी चाहिए तो गूगल
पे उन चीज के बारे में सर्च करते हैं और गूगल उस सर्च क्वेरी से जुड़े वेब पेज यानि वेबसाइट
को आपके सामने रिजल्ट में दिखाता है फिर आप उन वेबसाइट को विजिट कर के जानकरी
हासिल करते हैं |

इसमें आपके IP ADRESS ट्रैक होता है और आप जिस वेबसाइट को विजिट करते हैं उसका
भी IP ADRESS ट्रैक होता है | आप किस देश से और कहाँ से उस वेबसाइट को विजिट कर रहे हैं
ये आसानी से पता लगाया जा सकता है |

लेकिन जब कोई यूजर डार्क वेब के मदद से कसी वेबसाइट को विजिट करते हैं तो उसका IP अड्रेस
एक समय अंतराल पे बदलता रहता है जिसके वजह से यूजर को ट्रैक करना बिलकुल मुश्किल
है और डार्क वेब का इस्तेमाल अपनी पहचान छुपाने के लिए ही किया जाता है |

Dark web का इस्तेमाल करना इतना खतरनाक क्यों है

डार्क वेब आम लोगो के लिए नहीं बना है | अगर किसी यूजर को इसके बारे में जानकारी नहीं है
तो उसे डार्क वेब इस्तेमाल नहीं करना चाहिए | डार्क वेब पे जो वेबसाइट होते हैं उनमे से काफी
सारे वेबसाइट गैर कानूनी कामों के लिए बने होते हैं और एक आम यूजर को वैसे वेबसाइट विजिट
करने का कोई मतलब नहीं बनता है |

क्या dark web इस्तेमाल करना अवैध है ?

डार्क वेब को इस्तेमाल करना अवैध नहीं है | एक ब्राउज़र है जिसका नाम TOR है उस ब्राउज़र के
मदद से कोई भी इंटरनेट यूजर डार्क वेब का इस्तेमाल कर सकता है | लेकिन डार्क वेब का मतलब
ही है इंटरनेट की काली दुनिया जहाँ पे यूजर छुप के भी सुरक्षित नहीं होता है |

Dark web पे क्या होता है

डार्क वेब पे ऑनलाइन ड्रग्स की खरीद बिक्री, मानव तस्करी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, मानव अंग की खरीद बिक्री
डुप्लीकेट पासपोर्ट, डुप्लीकेट हैक किया हुआ डेबिट कार्ड खरीद बिक्री किया जाता है | दुनिया के कई बड़ी
हस्तियों की हत्या डार्क वेब के मदद से कर दी गयी | जितने भी खतरनाक हथियार है उसकी खरीद बिक्री
डार्क वेब पे की जाती है और डार्क वेब पे क्रिमिनल भी किराये पे मिल जाते हैं |

आपको याद होगा कुछ समय पहले एक “ब्लू व्हेल” नाम का GAME इंटरनेट पे काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ था |
जिसको ‘Blue Whale Challenge ‘ भी बोला जाता था | ये डार्क वेब का ही हिस्सा था |
इस GAME में यूजर को चैलेंज दिया जाता था और उसका वीडियो रिकॉर्ड कर के डार्क वेब के मदद
से ATTACKERS को वो वीडियो भेजा जाता था जिसके बाद यूजर को काफी बड़ी रकम अकाउंट
में भेजा जाता था |

इस गेम को काफी लोग PUBG और free fire जैसा समझ रहे थे की कोई भी यूजर इनस्टॉल करता है और
खेल लेता है, पर ऐसा नहीं होता है |

क्या था ‘Blue Whale Challenge ‘ ?

काफी इंटरनेट यूजर पैसे कमाने के लालच में गलत कदम उठा लेते हैं | ये चैलेंज भी उसी का एक
उदहारण है | जो victim होता था वो भी डार्क वेब यूजर ही होता होता था |

अटैकर्स पहले वैसे यूजर को हजारो डॉलर्स का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और फिर जब
एक बार यूजरउसके जाल में फंस गया तो निकलना मुश्किल हो जाता है और आप उस अटैकर्स का
कुछ नहीं कर सकते क्यों की वो छुपा होता है |
अगर यूजर पुलिस में शिकायत भी करेगा तो भी उस अटैकर्स को ट्रैक करना और पकड़ना एकदम
से मुश्किल है |

‘Blue Whale Challenge” में यूजर को कैसे शिकार बनाया जाता था

‘Blue Whale Challenge ‘ में भी यूजर को पैसे का लालच देकर फंसाये जाता था| उन्हें कुछ
टास्क दिए जाते थे जो की कुछ स्टेप में होता था और वो एक स्टेप के बाद दूसरे स्टेप में और
जयादा खतरनाक होते जाता था | अगर यूजर उस टास्क को पुरे कर के फिर उसकी वीडियो कर के
अटैकर्स को भेजता था तो अटैकर्स पत्येक टास्क के बदले उस यूजर के अकाउंट में पैसे भेजता था |

लेकिन लास्ट स्टेप इतना ज्यादा खतरनाक होता था की यूजर की मौत तय थी | और इस तरह से
ये खतरनाक चैलेंज काफी ज्यादा वायरल हुआ था | सबसे खाश बात ये है की ये अटैकर्स उस उम्र के
बच्चे को टारगेट करते थे जिन्हे इंटरनेट के इन ख़ुफ़िया चीजों के बारे में जानकरी नहीं होती थी और
वो प्रलोभन में फंस कर जान गंवा देते थे |

अब आपके मन में ये सवाल होगा की अकाउंट में पैसे आते थे तो कहाँ से ये पैसे आ रहे हैं उसको
ट्रैक कर के अटैकर्स को ट्रैक किया जा सकता था ?

बिलकुल नहीं |


अटैकर्स जो डेबिट कार्ड या क्रेडिट का इस्तेमाल करता है वो भी फर्जी होता है | कभी आपने सोचा है
की साइबर ठग जो पैसा बैंक अकाउंट से उड़ाते हैं वो ट्रैक क्यों नहीं हो पता है ?

डार्क वेब इसी सब गैर क़ानूनी चीजों के लिए तो प्रसिद्ध है | साइबर क्राइम में जो बैंक खाते से पैसे उड़ाए
जाते हैं वो ‘डिजिटल करेंसी” में बदल दिया जाता है और फिर उस पैसे का ट्रांजक्शन इन्ही सब अबैध
कामों के लिए किया जाता है |

ये कुछ डिजिटल करेंसी का लिस्ट है |

  • Bitcoin Cash (BCH)
  • (Ethereum (ETH)
  • Litecoin (LTC)
  • Cardano (ADA)
  • Polkadot (DOT)
  • Stellar (XLM)
  • Chainlink
  • Binance Coin (BNB)

आप जो भी इंटरनेट पे वीडियो या फोटो शेयर करते हैं आपको लगता होगा की वो आपके
फॉलोवर, या फैन तक ही सिमित होगा पर ये धारणा आपकी गलत है | इंटरनेट का एक
साइड इफेक्ट्स भी है जो आम यूजर के समझ से परे है |

आपका कौन सा इनफार्मेशन , आपकी कौन सी तस्वीर, कौन सा वीडियो किस काम से कहाँ पे
बेचा जा रहा है वो आपको भी पता नहीं होगा | हम ये नहीं कह रहे हैं की आप इंटरनेट इस्तेमाल
करना छोर दें | पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने से पहले इसके बुरे प्रभाव के बारे में जानकरी
अवश्य रखें |

ज्यादातर साइबर क्राइम डार्क वेब के मदद से होते हैं

डार्क वेब के मदद से ही ज्यादातर क्राइम होते हैं | एक इंटरनेशन रिसर्च की रिपोर्ट को मानें तो
डार्क वेब पे सबसे ज्यादा मानव अंग का खरीद और बिक्री हो रहा है | चीन के एक न्यूज़ एजेंसी ने
एक रिपोर्ट में बताया था, पिछले साल एक खाश दवाई का डिमांड बढ़ गया था जिसका ब्लैक
मार्केटिंग डार्क वेब के मदद से होने लगा था, और उसी दवाई का सैंपल से लगभग 3 करोड़ से
ज्यादा नकली दवाई का खरीद बिक्री डार्क वेब के मदद से किया गया था |

जब आप अवैध चीजें खरीदते हो तो वहां पे असली और नकली का फर्क मिट जाता है, वो नकली
दवाई किस देश में और किस व्यक्ति को दिया गया होगा ये ट्रैक करना मुश्किल है |

बड़ी- बड़ी कंपनी और बड़े- बड़े बिज़नेस कंपनी Dark web का इस्तेमाल वैध और अवैध चीजों के लिए
करते हैं |

जब भी किसी चीज की डिमांड ज्यादा होती है और उसे अवैध तरिके से बेचना या खरीदना हो तो
Dark web का इस्तेमाल किया जाता है |

जब इतना Dark web इतना खतरनाक है तो इसे बंद क्यों नहीं किया जाता है ?

आपके मन में अब ये सवाल जरूर आया होगा की इतना खतरनाक है डार्क वेब तो इसको बंद कर
देना चाहिए था | अब बात Dark web को बंद करने की हुई है तो पहले जानते हैं की ये शुरू कब हुआ|

Dark web का इतिहास क्या है

डार्क वेब अमेरिकी सरकार द्वारा जासूसों को पूरी तरह से गुप्त रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान
करने की अनुमति देने के लिए बनाया गया था। अमेरिकी सैन्य शोधकर्ताओं ने 1990 के दशक
के मध्य में TOR (द ओनियन राउटर) के रूप में जानी जाने वाली तकनीक विकसित की और
इसे सभी के उपयोग के लिए सार्वजनिक डोमेन में जारी किया।

जैसे आम यूजर निचे दिए गए ब्राउज़र का इस्तेमाल इंटरनेट इस्तेमाल के लिए करते हैं

  • Internet Explorer
  • Google Chrom
  • Mozilla Firefox
  • Safari
  • Opera
  • Konqueror
  • Lynx

वैसे ही डार्क वेब को इस्तेमाल करने के लिए एक विशेष ब्राउज़र का इस्तेमाल किया जाता है उनमे से
एक ब्राउज़र का नाम TOR Project है |

एक्सपर्ट का माने तो डार्क वेब का 3 प्रतिशत ट्रैफिक ही TOR ब्राउज़र के मदद से डार्क वेब सर्फ करता है |
डार्क वेब को रोजाना 20 लाख से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं |
डार्क वेब पूरी तरह से एक ऐसी दुनिया है जिसके अंदर क्या चल रहा है ये सिर्फ अनुमान लगाया जा सकता
है |

Dark web बंद क्यों नहीं किया जाता है

डार्क वेब को बंद करने के लिए इंटरनेट इस्तेमाल के लिए जो प्राइवेसी पालिसी है,
उसको या तो तोडना होगा या फिर बदलना होगा |
कोई यूजर कुछ खरीदते हैं या शॉपिंग करते हैं तो जिस वेबसाइट पे शॉपिंग करते हैं वहां
ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शन के लिए यूजर को अपना अकाउंट बनाना होता है और उस वेबसाइट
पे लॉगिन करना होता है और यूजर के पेमेंट इनफार्मेशन, कार्ड नंबर, पिन नंबर गुप्त होता है |

अगर यूजर के डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के इनफार्मेशन को गवर्नमेंट ट्रैक करे तो क्या
या वैध होगा या अवैध होगा ? मतलब आप के कार्ड नंबर और पिन नंबर ये सभी गवर्नमेंट
के साथ शेयर करना परे तो फिर लोगो की प्राइवेसी ही ख़तम हो जाएगी |
डार्क वेब को बंद करने के लिए इस तरह के कानून को तोडना होगा |

इस पोस्ट में आपने डार्क वेब के बारे में जाना की किस तरह से ये खतरनाक है | कसी और पोस्ट में हम
डार्क वेब के कुछ अच्छे पॉइंट्स को रखेंगे और बताएँगे की किस तरह से डार्क वेब सही भी है |
ये पोस्ट आपको कैसा लगा निचे कमेंट में जरूर बताएं |

डार्क वेब के बारे में लोगों को जानकरी पहुंचने के लिए इस पोस्ट को जरूर शेयर करें ताकि लोग
ऐसी किसी स्कैम से बच सके | काफी लोग जनकारी के आभाव में भी गलतियां कर बैठते है |

ये भी देखें:

ऑनलाइन साइबर ठग क्या होता है ?

3 thoughts on “Dark web क्या होता है -what is dark web?”

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