साइबर क्राइम

साइबर क्राइम में ठगा गया पैसा वापिस नहीं आ पाता है क्यों ?

क्या आप जानते हैं हर साल भारत में 10 हज़ार से ज्यादा घटना को साइबर क्राइम ठग अंजाम देते हैं
लेकिन उन सबमे से 1 फीसदी से भी कम केस रजिस्टर होता है |
और जितनी केस रेजिस्टरहोती है उनमे से 10 फीसदी से भी कम रेट है पैसे वापिस रिकवरी का, तो क्या
है इसकी वजह जिससे साइबर क्राइम ठग पकडे भी नहीं जाते हैं और पकड़े भी गए तो पैसा रिकवर करना मुश्किल
हो जाता है इसके बारे में इस पोस्ट में आज डिटेल्स से जानेगे |
साथ में ये भी जानेगे की किस तरह से हम अपने आप को इस साइबर चोर से बचा सकते हैं |

सबसे पहले जानते हैं

ऑनलाइन साइबर ठग क्या होता है ?

अगर आपको कोई ऑनलाइन कसी भी बहाने से पैसे ठग लेता है या फिर कुछ जरूरी और महत्वपुर्ण जानकारी
चुरा लेता है तो साइबर क्राइम कहलाता है | जिस तरह से पूरी दुनिया में टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है
और इंडिया में भी एक डिजिटल क्रांति चला रही है लोग हर चीज के लिए ऑनलाइन पे निर्भर होते जा रहे हैं
उसी रफ़्तार से साइबर ठग में इजाफा हुआ है |

ये चोर असल में काफी शातिर और पढ़े लिखे होते हैं उन्हें टेक्नोलॉजी का अच्छा ज्ञान होता है तभी तो वो
पैसे चुरा कर भी लगभग केस में बच जाते हैं |

साइबर क्राइम चोर किस प्रकार से ठगते हैं

पहले ये चोर लोगों के एटीएम के पिन और नंबर लेकर ठगी का शिकार बनाते थे धीरे-धीरे लोगों में जानकरी
बढ़ने लगी लोगों को ये बात समझ आने लगी की एटीएम के पिन और नंबर किसी को साझा नहीं करना
चाहिए यहाँ तक बैंक के ब्रांच मैनेजर को भी पिन नंबर नहीं बताना चाहिए और लोग सतर्क हो गए तो
चोर अपना तरीका बदलने लगा |

कई साइबर चोर के मामले में लोगों को लालच देकर ठगा जाता है | पहले लोटरी के नाम पे ठगा जाता था |
इसमें साइबर क्राइम चोर किसी भी व्यक्ति को फ़ोन कर के बोलता था की आपको गाड़ी मिला है या फिर टीवी,
फ्रिज, कूलर मिला है आपको कुछ पैसे मेरे अकाउंट भजने हैं ताकि वो सभी सामान आपको कुरियर करवा
सकू और लोग लालच में पैसे भेज देते हैं |

फिर लोगों को जब ये बात भी समझ आने लगी तो और लोग इससे बचने लगे तो चोरों ने
फिर से ठगी का रास्ता बदल लिया |

इंडिया में कई सारे डिजिटल पेमेंट एप्लीकेशन इस्तेमाल होते हैं –

  • Phonepe
  • paytm
  • Google pay

और भी कई सारे एप्लीकेशन हैं जो लोग खूब ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट के लिए इस्तेमाल करते हैं |
इन सभी एप्लीकेशन में कभी-कभी सर्वर डाउन के वजह से पैसे बिच में ही अटक जाते हैं यानि
आपने पेमेंट किया और आपके अकाउंट से कट भी गया लेकिन अपने जिसको पेमेंट किया उसके
अकाउंट में नहीं गया |
ये नेचुरल बात है अगर सर्वर पेमेंट के समय डाउन हो गया तो पैसा बिच में अटक जाता है और इस वक़्त लोग
जल्दीबाजी करने लगते हैं की किसी तरह मेरा पैसा वापिस आ जाये |

लोग ऑनलाइन गूगल के माध्यम से हल ढूंढने लगते हैं और ये साइबर क्राइम चोर गूगल पे फेक वेबसाइट
के माध्यम से पैसा वापिस होने का तरीका बताया हुआ रहता है | लोग वहां से नंबर उठाये कॉल किये और
उस साइबर चोर के चंगुल में फंस जाते हैं |
जिन्हे जानकारी है वो तो बच जाते हैं जिन्हे जानकरी नहीं है वो उस साइबर चोर के इंस्ट्रक्शन को फॉलो
कर के पैसे लौटाने के वजाय और ज्यादा लुटा लेते हैं |

ऑनलाइन पेमेंट के समय पैसा अटक जाये तो हमें क्या करना चाहिए

अगर आपका पैसा कसी भी ऑनलाइन एप्लीकेशन में अटक जाये तो थोड़ा इंतजार कर लेना चाहिए
24 घंटे में एक बार सभी कंपनी के टोटल पेमेंट का क्लीयरेन्स होता है और जिसका पैसा अटक
जाता है वो कंपनी के द्वारा वापिस कर दिया जाता है |

अगर शिकायत दर्ज करवानी हो तो जिस भी एप्लीकेशन में पैसा फंसा है उसी कंपनी के वेबसाइट से ईमेल
लेकर शिकायत कर सकते हैं | कभी भी गूगल से एटीएम, बैंकिंग और पैसे से जुडी प्रॉब्लम का हल ढूंढने न जाये
हो सकता है आप भी ठगी के शिकार हो जाएँ |

गूगल पे जो भी आर्टिकल दिखती है असल में वो किसी की पर्सनल वेबसाइट हो सकती है जरूरी नहीं है की
गूगल जो भी सर्च रिजल्ट देती है वो Authorised हो और 100 प्रतिशत सही ही हो |

और भी कई तरीके हैं जो साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं लोगो को वेबकूफ बनाते हैं और उनसे पैसा ठग लेते हैं |
एक बात जिंदगी में हमेशा याद रखने अगर आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन तहज से बचना है तो कभी भी
जरुरत से जायद लालच नहीं करें |
साइबर चोर का मुख्य हथियार लालच ही है चाहे वो पैसा का हो या फिर कसी भी प्रकार की सेवा का |

कभी भी अपनी पर्सनल जानकरी जैसे : एटीएम पिन , email, फेसबुक के पासवर्ड, या फिर कोई भी संवेदनशील
जानकरी जो अगर दूसरे लोगों के पास चली जाये तो आपको नुकसान पहुंच सकता है कभी भी साझा नहीं करें |

फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर क्राइम चोर कैसे करता है?

ये काफी नयी ट्रेंड चला था बिच में और अभी भी साइबर क्राइम चोर इस तरीका का उपयोग करता है |
ये घटना मेरे साथ भी हुआ है :

मेरे एक काफी नजदीक के लोग के फेसबुक अकाउंट से कुछ पैसा माँगा गया हालाँकि वो व्यक्ति कभी
भी मुझसे उधर नहीं लिया था मुझे थोड़ा सक हुआ और जब मैंने उससे बात किया थोड़ी देर तो उसके
बात करने के लहजे से समझ आ गया की ये कोई दूसरा व्यक्ति है जो फेसबुक अकाउंट हैक कर के या
फिर डुप्लीकेट अकाउंट बना कर के चला रहा है |

चोर आपके फ्रेंड लिस्ट को चेक करता है और वहां पे जो आपके सबसे करीबी लोग होते हैं उनके
अकाउंट का एक डुप्लीकेट अकाउंट बनाता है और फिर उस अकाउंट से आपसे कुछ पैसे मदद के
नाम पे मांगते हैं | बोलेंगे काफी ज्यादा इमर्जेन्सी है अभी आप भेजो सुबह लौटा देंगे और अगर अपने दे दिया
तो बस आप ठगी के शिकार हो गए |

कभी कभी तो आपसी रिश्ते भी ख़राब होने के चांस होते हैं | आपको लगेगा की अपने तो उसी व्यक्ति को पैसे दिए
हैं और असल में कोई और होता है | और ये ठगी करने के बाद तुरंत से उस facebook डुप्लीकेट अकाउंट को
मिटा देते हैं |

फेसबुक से साइबर क्राइम होने से कैसे बचें?

सबसे पहले तो अगर आपके फेसबुक अकाउंट लॉक नहीं यही तो फ़ौरन उसे लॉक कर लें | इससे क्या
‘होगा की जो आपके फ्रेंड लिस्ट में हैं वही आपके बारे में जान सकेंगे और आपके फोटो देख सकेंगे इससे
डुप्लीकेट अकाउंट बनाना थोड़ा सा मुश्किल है |

दूसरी बात जब भी कोई आपसे इस तरह फेसबुक के मध्यम से पैसे मांगे तो उस व्यक्ति को कॉल कर के
पूछ सकते हैं की सच में उसे पैसे की जरुरत है या नहीं | किसी को जरूरत में मदद करना अच्छी बात है
लेकिन कोई ठगा जाये ये सही नहीं है |

कभी भी अपने नाम से 1 से ज्यादा फेसबुक अकाउंट न बनाएं | अगर दूसरा अकाउंट बनाना है तो पहले को
मिटा दें फिर दूसरा अकाउंट बनाएं | एक व्यक्ति के पास एक ही फेसबुक अकाउंट होना चाहिए ये फेसबुक
की पॉलिसी है |
बाकि शतर्क रहें सावधान रहें तो आप इन ठग से बच सकते हैं|

ऑनलाइन पार्सल के माध्यम से भी ठगे जाते हैं लोग, जाने कैसे ?

आपके नाम से कोई कीमती समान का पार्सल आपके होम एड्रेस पे भेज दिया जायेगा और
उसपे उस सामान के कीमत से काफी कम पैसे आपको पेमेंट करने के लिए बोला जाता है |
जब तक आप पेमेंट अनहि करेंगे तब तक वो बॉक्स कुरियर वाले आपको नहीं देंगे |
और फिर लालच में लोग पेमेंट कर देते थे लेकिन जब बॉक्स खोला जाता था तो उसमे से इट और पत्थर
निकलता था |
ये ठगी भी खूब चला धीरे-धीरे लोगों को ये भी समझ आने लगा और लोग बचने लगे |

ऑनलाइन पार्सल ठगी से बचने के लिए कभी भी ऐसे सामान को एक्सेप्ट न करें जो अपने ऑनलाइन आर्डर नहीं
किया हो | ऑनलाइन फैसियस प्रोडक्ट को डेलिवेरी के लिए सरकार ने काफी सारे नए नियम बनाये हैं |
जैसे: GST होना जरुरी है और कंपनी रजिस्टर्ड होना जरुरी हैं तभी ऑनलाइन समान बेच सकते हैं |
कभी भी बिना रजिस्टर्ड कंपनी से कुछ भी न खरीदें तभी आप इस तरह के ठगी से बच सकते हैं |

अगर आप ऑनलाइन आर्डर नहीं किये हैं और कोई कुरियर वाले ने आपको कुछ्समां देने आये तो उसको
रिजेक्ट कर दें और सामान वापिस कर दें |

साइबर क्राइम में ठगा गया पैसा वापिस नहीं आ पाता है क्यों ?

साइबर क्राइम में ठगा गया पैसा के रिकवरी के चांस बिलकुल न के बराबर होता है | साइबर चोर जब
किसी व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है तो वो सबसे पहले उस पैसे को ठिकाने लगाने का काम करता है |
एकाउंट्स से पैसा गायब होते ही उस पैसे से अलग-अलग जगह ऑनलाइन शॉपिंग कर ली जाती है | जैसे
टीवी, फ्रिज इत्यादि खरीद लिया गया उसके साथ ही मोबाइल रिचार्ज करवा लिया जाता है |

कुछ साइबर चोर उस पैसे का होटल के बिल भुगतान में या फिर ट्रेवल में खर्च कर देते जिससे उस पैसे को
ट्रेस करना बिलकुल मुश्किल हो जाता है और पैसा वापिस नहीं आ पाता है |

अगर आपके साथ साइबर क्राइम होता है तो आपको जितनी जल्दी हो सके नजदीक के पुलिस स्टेशन
में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं | अपने बैंक को इसकी सुचना दे सकते हैं |

अगर आपके साथ भी कोई इस तरह की घटना हुई है या फिर आप ठगी होने से खुद को बचा लिए हैं तो
निचे कमेंट के माध्यम से हमें अपनी कहानी जरूर साझा करें |

1 thought on “साइबर क्राइम में ठगा गया पैसा वापिस नहीं आ पाता है क्यों ?”

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